ओलंपिक्स के बाद अगर कोई बड़ा खेल आयोजन है,
तो वो एशियन गेम्स है. इंडोनेशिया के जकार्ता और पैलमबैंग में 18वां एशियाड
खत्म हो गया है. 18 अगस्त से 2 सितंबर के बीच चले इस इवेंट में इंडिया ने
कुल 69 मेडल जीते जिसमें 15 गोल्ड, 24 सिल्वर और 30 ब्रॉन्ज हैं. ये इंडिया
का एशियाड में अपना सबसे अच्छा प्रदर्शन है. यहां इंडिया ने साल 2010 के
एशियन गेम्स की मेडल टैली से आगे निकलकर अपना बेस्ट प्रदर्शन किया है. उस
साल चीन के ग्वांगझू में हुए एशियाड में इंडिया ने कुल 65 मेडल जीते थे. 14
गोल्ड, 17 सिल्वर और 34 ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इंडिया उस टूर्नामेंट में छठे
स्थान पर रहा था. 46 देश इस एशियाड में खेले और इंडिया 8वें स्थान पर रहा
है.
भारतीय मुक्केबाजों ने बीते कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 मेडल जीते थे मगर इस बार अपने हाथ सिर्फ दो ही मेडल लगे. एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज. 49 किलो भार वर्ग में अमित पंघल ने फाइनल में ओलंपिक में गोल्ड जीत चुके हसनबॉय दुस्मातव को 3-2 से हराकर गोल्ड जीता. यहां कज़ाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मंगोलिया के मुक्केबाजों की बादशाहत दिखी. नौकायन के इस खेल में इंडिया के दत्तू भोकानल से गोल्ड की उम्मीद थी मगर फाइनल में वो आखिरी स्थान पर रहे. मगर टीम इवेंट में इंडिया की टीम को गोल्ड मेडल मिला. इस टीम में स्वर्ण सिंह, दत्तू भोकानल, ओम प्रकाश और सुखमीत सिंह हैं. एक गोल्ड के साथ रोइंग में दो ब्रॉन्ज भी इंडिया को मिले हैं. ये वो गेम है जहां इंडिया को अब हर इवेंट में मेडल्स की उम्मीद रहती है. इस बार शूटिंग में इंडिया को 10 मेडल मिले हैं. ये उम्मीद पूरी की 16 साल के सौरभ चौधरी और राही सर्नोबत ने. मेरठ से सौरभ ने 10 मीटर एयर पिस्टल और महाराष्ट्र से राही ने 25 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है. इनके अलावा संजीव राजपूत को सिल्वर, हीना सिधू को ब्रॉन्ज, रवि कुमार और अपूर्वी चंदेला की टीम को और अलग इवेंट में अभिषेक वर्मा को ब्रॉन्ज मेडल मिला है. लक्ष्य और दीपक कुमार को 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर मिला है. रोहन बोप्नना और दिविज शरण की जोड़ी ने मेन्स डब्लस में गोल्ड जीता है. सिंगल्स में प्रजेश गुन्नेश्वरन और राम कुरा रामनाथन को ब्रॉन्ज मेडल मिले हैं. इंडिया से बड़े बड़े नामों के बीच बजरंग पूनिया को गोल्ड मिला और लड़कियों में विनेश फोगाट भी सोना जीतने में सफल रहीं. बजरंग ने 65 किलो फ्रीस्टाइल और विनेश ने 50 किलो फ्रीस्टाइल में ये मेडल जीता. वहीं दिव्या ककरण ने 68 किलो फ्रीस्टाइल इवेंट में ब्रॉन्ज जीता. सुशील कुमार का फर्स्ट राउंड में ही हार जाना अभी तक पचा नहीं है. ब्रिज यानी ताश में भी इंडिया ने गोल्ड जीत लिया है. एशियन गेम्स में इस खेल को पहली बार शामिल किया गया था और यहां प्रणब बर्धन औऱ शिवनाथ सरकारी की इस जोड़ी ने सबको पस्त करके गोल्ड जीता. गोल्ड के अलावा इस खेल में इंडिया को दो ब्रॉन्ज भी मिले हैं.
सबसे जरूरी बात ये कि इंडिया ने जकार्ता में 15 गोल्ड जीतकर 1951 में हुई पहली एशियन गेम्स में अपने ही 15 गोल्ड मेडल की बराबरी की है. उस वक्त एशियाड दिल्ली में हुआ था और यहां इंडिया मेडल टेली मे दूसरे स्थान पर थी. इंडिया को इतना वक्त लगा अपनी ये परफॉर्मेंस दोहराने में. 2014 के एशियन गेम्स जो साउथ कोरिया के इच्योन में हुए थे,वहां इंडिया को कुल 13 मेडल मिले थे. वहां से 2018 के 69 मेडल सुधार की निशानी हैं.इस बार एथलेटिक्स ने शानदार प्रदर्शन किया और 69 मेडल्स में से 19 इसी में आए हैं. 7 गोल्ड, 10 सिल्वर और 2 ब्रॉन्ज. 1951 से अभी तक भारत ने एथलेटिक्स में 240 मेडल जीते हैं. इनमें इस बार जेवलिन थ्रो में नीरज चोपड़ा, हैप्टाथलन में स्वप्ना बर्मन, महिलाओं की रिले रेस, 1500 मीटर दौड़ में जिनसन जॉनसन, 800 मीटर में दौड़ में मंजीत सिंह, ट्रिपल जम्प में अरपिंदर सिंह औऱ शॉटपुट में तेजिंदर सिंह टूर के गोल्ड मेडल शामिल हैं.
भारतीय मुक्केबाजों ने बीते कॉमनवेल्थ गेम्स में 9 मेडल जीते थे मगर इस बार अपने हाथ सिर्फ दो ही मेडल लगे. एक गोल्ड और एक ब्रॉन्ज. 49 किलो भार वर्ग में अमित पंघल ने फाइनल में ओलंपिक में गोल्ड जीत चुके हसनबॉय दुस्मातव को 3-2 से हराकर गोल्ड जीता. यहां कज़ाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और मंगोलिया के मुक्केबाजों की बादशाहत दिखी. नौकायन के इस खेल में इंडिया के दत्तू भोकानल से गोल्ड की उम्मीद थी मगर फाइनल में वो आखिरी स्थान पर रहे. मगर टीम इवेंट में इंडिया की टीम को गोल्ड मेडल मिला. इस टीम में स्वर्ण सिंह, दत्तू भोकानल, ओम प्रकाश और सुखमीत सिंह हैं. एक गोल्ड के साथ रोइंग में दो ब्रॉन्ज भी इंडिया को मिले हैं. ये वो गेम है जहां इंडिया को अब हर इवेंट में मेडल्स की उम्मीद रहती है. इस बार शूटिंग में इंडिया को 10 मेडल मिले हैं. ये उम्मीद पूरी की 16 साल के सौरभ चौधरी और राही सर्नोबत ने. मेरठ से सौरभ ने 10 मीटर एयर पिस्टल और महाराष्ट्र से राही ने 25 मीटर पिस्टल इवेंट में गोल्ड मेडल जीता है. इनके अलावा संजीव राजपूत को सिल्वर, हीना सिधू को ब्रॉन्ज, रवि कुमार और अपूर्वी चंदेला की टीम को और अलग इवेंट में अभिषेक वर्मा को ब्रॉन्ज मेडल मिला है. लक्ष्य और दीपक कुमार को 10 मीटर एयर राइफल में सिल्वर मिला है. रोहन बोप्नना और दिविज शरण की जोड़ी ने मेन्स डब्लस में गोल्ड जीता है. सिंगल्स में प्रजेश गुन्नेश्वरन और राम कुरा रामनाथन को ब्रॉन्ज मेडल मिले हैं. इंडिया से बड़े बड़े नामों के बीच बजरंग पूनिया को गोल्ड मिला और लड़कियों में विनेश फोगाट भी सोना जीतने में सफल रहीं. बजरंग ने 65 किलो फ्रीस्टाइल और विनेश ने 50 किलो फ्रीस्टाइल में ये मेडल जीता. वहीं दिव्या ककरण ने 68 किलो फ्रीस्टाइल इवेंट में ब्रॉन्ज जीता. सुशील कुमार का फर्स्ट राउंड में ही हार जाना अभी तक पचा नहीं है. ब्रिज यानी ताश में भी इंडिया ने गोल्ड जीत लिया है. एशियन गेम्स में इस खेल को पहली बार शामिल किया गया था और यहां प्रणब बर्धन औऱ शिवनाथ सरकारी की इस जोड़ी ने सबको पस्त करके गोल्ड जीता. गोल्ड के अलावा इस खेल में इंडिया को दो ब्रॉन्ज भी मिले हैं.
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